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Tuesday, 3 January 2012

आरंभ.. एक नयी शुरुवात

"ये इब्तेदा मेरी मंजिल के मुहाने से है,
फक्र अंजाम के सिरहाने मिलेगा......"
2012 एक नया साल जिसकी शुरुवात धमाकेदार खबर के साथ हुई, जिसका जिक्र कुछ दिन पहले की किसी ने मुझसे किया था... एक फोन कॉल से मेरी सोच को दिशा मिलते हुई नज़र आ रही है| नए साल की नई सुबह मैंने एक नया सपना देख लिया| जहां एक सफ़र का अंत होने को है.... मेरा और मेरे कॉलेज के तीन साल का सफ़र अब तीन महीनो में थमने वाला है.. वहीँ एक नयी ज़िन्दगी आरंभ होने वाली है...... नए लोग, इस नयी दुनिया कि भीड़ में कहीं मेरा भी नाम हो....   2011  ने काफी कुछ सिखा दिया है अब उसे आगे  ज़िन्दगी में आजमाना है... कुछ जिगरी दोस्त दिए जिनको साथ लेकर आगे बढ़ना है.... बहुत घूमना है, नए लोगो से मिलना है, और मुझे अपना सफ़र तह करना है.......
"अब किसी की बात का मुझे डर नहीं, मुश्किलों से ही तो है हिम्मत मेरी.... खेलनी है आखरी बाज़ी यहीं, और सफ़र ही बन गया मंजिल मेरी......."

5 comments:

  1. Ibteda to laajwab hai...aur Faqra to hamesha se rhega Rishi...Congo :-)

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  2. Every drop makes an ocean.... God Bless!

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  3. All d very best sis! Hope u will touch the heart of every people..! God bless u! :)

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  4. GOD BLESS U...... all the best for ur Aarambha.

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